दक्षिण भारतीय सिनेमा से एक ऐसी खबर आई है जिसने फिल्म जगत को गहरे शोक में डाल दिया है। तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक, लेखक और अभिनेता भारतीराजा का 85 साल की उम्र में निधन हो गया है। दशकों तक भारतीय सिनेमा की दिशा तय करने वाले इस महान फिल्म निर्माता ने चेन्नई में आखिरी सांस ली। उम्र से जुड़ी बीमारियों और लंबे समय से खराब सेहत के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
बेटे की मौत से टूट गए थे
भारतीराजा के जीवन का सबसे मुश्किल दौर 2024 में आया जब उनके बेटे, अभिनेता मनोज भारतीराजा का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे अपने बेटे को खोने के गम से कभी पूरी तरह उबर नहीं पाए। उनके करीबी लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद उनकी सेहत तेजी से बिगड़ी और वे पहले की तरह सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नहीं रह पाए।
हाल के वर्षों में उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांस लेने में तकलीफ और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं ने उनकी सेहत पर बुरा असर डाला; फिर भी, वे फिल्मों और कला से जुड़े रहे।
अपनी पहली ही फिल्म से तमिल सिनेमा को बदल दिया
1977 में बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म ने उन्हें रातों-रात मशहूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने कई ऐसी फिल्में दीं जिन्हें आज भी क्लासिक माना जाता है।
चार दशकों से अधिक के करियर में उन्होंने 40 से ज़्यादा फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी कई फिल्में न केवल बॉक्स-ऑफिस पर सफल रहीं, बल्कि उन्हें आलोचकों से भी खूब सराहना मिली। उनकी कहानी कहने की शैली ने फिल्म निर्माताओं की अगली पीढ़ी को गहराई से प्रभावित किया।
निर्देशन के साथ-साथ अभिनय में भी छाप छोड़ी
भारतीराजा ने न केवल कैमरे के पीछे बल्कि कैमरे के सामने भी अपनी प्रतिभा साबित की। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया और दर्शकों से खूब तारीफें बटोरीं। हाल के वर्षों में भी वे चुनिंदा फिल्मों में नजर आते रहे; उनकी आखिरी रिलीज फिल्मों में कुछ खास तमिल और मलयालम प्रोजेक्ट्स शामिल थे।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
उनके निधन की खबर सुनकर फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। अभिनेता, निर्देशक और निर्माता सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और कई कलाकार उन्हें अपना गुरु और प्रेरणा का स्रोत बता रहे हैं। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह एक ऐसे युग का अंत है जिसने सिनेमा को एक नई पहचान दी।

Leave a Reply